पृथ्वी का केंद्र ऐसा है कि यदि हम उस स्थान पर हैं, तो हमारे आस-पास के द्रव्यमान को पृथ्वी की सतह पर संघनित माना जा सकता है, अर्थात पृथ्वी को एक गोलाकार आवरण माना जाता है।
यदि मीटर में पूछा जाता है तो 1 एंगस्ट्रॉम = 10 -10 मीटर होगा।
लेकिन माइक्रोन में पूछा गया है
1 मिमी = 10 -3 मी
1 माइक्रोन = 10 -3 मिमी
⇒ 1 माइक्रोन = 10 -6 मीटर
1 एंगस्ट्रॉम = 10 -10 मीटर
1 एंगस्ट्रॉम = 10 -10 मीटर = 10 -4 × 10 -6 मीटर = 10-4 माइक्रोन
उष्मागति का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है। इसके अनुसार ऊर्जा या ऊष्मा को ना तो उत्पन्न किया जा सकता है और ना ही नष्ट किया जा सकता है